कहा जाता है। आज उनमें कितने सारे शिक्षित तथा शिष्ट लोग हैं। आगे चलकर हिंदुस्थान से बंदी आते ही उन्हें कुछ दिन के लिए कारागृह में रखने की योजना बनाई गई। इसके लिए और अंदमान स्थित अपराधियों के लिए एक नया विशाल कारागृह बनाया गया।
जी हां, यही है वह सिल्वर जेल अथवा ब्मससनसंत श्रंपास, आगे चलकर जहां राजनीतिक बंदियों को वर्षों तक बंद रखने की परिपाटी बन गई- इतनी कठोर कि जिसकी एकांत कोठरी में कराहने की प्रतिध्वनि एक बार हिंदुस्थान के तट तक भी सुनाई दे।
कहा जाता है। आज उनमें कितने सारे शिक्षित तथा शिष्ट लोग हैं। आगे चलकर हिंदुस्थान से बंदी आते ही उन्हें कुछ दिन के लिए कारागृह में रखने की योजना बनाई गई। इसके लिए और अंदमान स्थित अपराधियों के लिए एक नया विशाल कारागृह बनाया गया।
जी हां, यही है वह सिल्वर जेल अथवा ब्मससनसंत श्रंपास, आगे चलकर जहां राजनीतिक बंदियों को वर्षों तक बंद रखने की परिपाटी बन गई- इतनी कठोर कि जिसकी एकांत कोठरी में कराहने की प्रतिध्वनि एक बार हिंदुस्थान के तट तक भी सुनाई दे।