मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

कपक लवन कव जींजघ्’’(तुमने ऐसा क्यों किया?) मैंने कहा, ‘‘ इसके काई कारण हैं। उनमें से एक यह है कि इन सभी कष्टों से मुक्ति मिले।’’


‘‘परंतु इन कष्टों में तो तुम स्वयं ही कूदे थे न!’’

‘‘हां, यह सच है। क्यांेकि इन कष्टों में कूदना मुझे अपना कर्तव्य लगा। और उन कष्टों से यथासंभव मुक्त होना भी मुझे कर्तव्य ही प्रतीत हुआ।’’

‘‘देखो,’’ बारी साहब एकदम खुलकर हंसते-हंसते कहने लगा, ‘‘ मैं अंग्रेज नहीं हूं, आयरिश हूं। उसी कारण


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कपक लवन कव जींजघ्’’(तुमने ऐसा क्यों किया?) मैंने कहा, ‘‘ इसके काई कारण हैं। उनमें से एक यह है कि इन सभी कष्टों से मुक्ति मिले।’’


‘‘परंतु इन कष्टों में तो तुम स्वयं ही कूदे थे न!’’

‘‘हां, यह सच है। क्यांेकि इन कष्टों में कूदना मुझे अपना कर्तव्य लगा। और उन कष्टों से यथासंभव मुक्त होना भी मुझे कर्तव्य ही प्रतीत हुआ।’’

‘‘देखो,’’ बारी साहब एकदम खुलकर हंसते-हंसते कहने लगा, ‘‘ मैं अंग्रेज नहीं हूं, आयरिश हूं। उसी कारण


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