किससे छिपा रहे हो?’ इसी विकार को मिल्टन ने भ्वदवनत कपेीवदवनतंइसम ( आॅनर डिसआॅनरेबल) कहा है। यूरोप में ऐसा एक धर्मपंथ था, जो कपड़े पहनना पाप समझता था, क्योंकि आदम और ईव दोनों निष्पाप अवस्था में नग्न ही रहते थे। इस पंथ के अनुयायी भी वैसे ही रहते थे। उन्हें ‘अॅडमाइट’ कहा जाता था। वर्तमान यूरोप में भी धर्मदृष्टि से न सही, शास्त्र दृष्टि से कई स्थानों पर स्त्री-पुरूषों की छोटी-छोटी बस्तियां हैं, जो ऐसे क्षेत्र में प्रस्थापित
किससे छिपा रहे हो?’ इसी विकार को मिल्टन ने भ्वदवनत कपेीवदवनतंइसम ( आॅनर डिसआॅनरेबल) कहा है। यूरोप में ऐसा एक धर्मपंथ था, जो कपड़े पहनना पाप समझता था, क्योंकि आदम और ईव दोनों निष्पाप अवस्था में नग्न ही रहते थे। इस पंथ के अनुयायी भी वैसे ही रहते थे। उन्हें ‘अॅडमाइट’ कहा जाता था। वर्तमान यूरोप में भी धर्मदृष्टि से न सही, शास्त्र दृष्टि से कई स्थानों पर स्त्री-पुरूषों की छोटी-छोटी बस्तियां हैं, जो ऐसे क्षेत्र में प्रस्थापित