लगते। तथापि वे तत्रस्थ सरकार के विश्वासपात्र नहीं थे। अधिकारियों का रूझान व्युत्क्रम से उनकी ओर ही आकर्षित होता जो अधिक क्रूर होते ।
एतदर्थ मुझ पर तो मुसलमानों में ही नहीं, पठानों में भी जो अत्यंत बेशर्म वाॅर्डर,
जमादार अथवा ‘पेटी अफसर’ अर्थात् वह बंदीवान अधिकारी, जिसे बंदियों से तरक्की मिली हो, नियुक्त किया जाता। ऐसे ही उन तीनों वाॅर्डरों के हाथ मुझे सौंपकर कोठरी में बंद कर, ताला लगाकर वह जमादार चला गया।
दूसरे
लगते। तथापि वे तत्रस्थ सरकार के विश्वासपात्र नहीं थे। अधिकारियों का रूझान व्युत्क्रम से उनकी ओर ही आकर्षित होता जो अधिक क्रूर होते ।
एतदर्थ मुझ पर तो मुसलमानों में ही नहीं, पठानों में भी जो अत्यंत बेशर्म वाॅर्डर,
जमादार अथवा ‘पेटी अफसर’ अर्थात् वह बंदीवान अधिकारी, जिसे बंदियों से तरक्की मिली हो, नियुक्त किया जाता। ऐसे ही उन तीनों वाॅर्डरों के हाथ मुझे सौंपकर कोठरी में बंद कर, ताला लगाकर वह जमादार चला गया।
दूसरे