मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

जो इस लाया था, वे लोग जिन्होंने यह भेजी थी और जिनके इस चिट्ठी में नाम हैं- सभी संकट में पड़ेंगे। अतः कोठरी के एक कोने में, इस वाॅर्डर से बचते हुए, झट से शरीर के ही ऐसे स्थान पर चिट्ठी छिपाने के अतिरिक्त, जहां छुपानी चाहिए, अन्य कोई चारा नहीं रहा। मैंने उसे इस तरह छिपाया कि उसमें जो कुछ गोपनीय बात होगी उसे नुकसान न पहुंचे। इतने में पेटी अफसर आ गया। उसने उद्दंडतापूर्वक पूछा,‘‘चिट्ठी कहां है? कंकड़ किसने उठाया?’’ मैंने कहा,


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जो इस लाया था, वे लोग जिन्होंने यह भेजी थी और जिनके इस चिट्ठी में नाम हैं- सभी संकट में पड़ेंगे। अतः कोठरी के एक कोने में, इस वाॅर्डर से बचते हुए, झट से शरीर के ही ऐसे स्थान पर चिट्ठी छिपाने के अतिरिक्त, जहां छुपानी चाहिए, अन्य कोई चारा नहीं रहा। मैंने उसे इस तरह छिपाया कि उसमें जो कुछ गोपनीय बात होगी उसे नुकसान न पहुंचे। इतने में पेटी अफसर आ गया। उसने उद्दंडतापूर्वक पूछा,‘‘चिट्ठी कहां है? कंकड़ किसने उठाया?’’ मैंने कहा,


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