ही देनेवाला था। परंतु उन पठानी वाॅर्डरों को सहसा कोई ऐसे हिंदू बंदी से पाला नहीं पड़ता जो उन्हें ठंेगा दिखाए, परिणामतः वे बहुत नकचढ़े बन जाते थे। उस मद्रासी के पास जाकर वाॅर्डर ने गाली-गलौज के साथ पुनः नारियल की मांग की । वह मद्रासी यह सोचकर कि नरमी से ही काम निकालना ठीक है, तिलमिलाते हुए‘इल्ले स्वामी, इल्ले कहते हुए हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगा। पठान का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। किसी हिंदू से स्वार्थवश कहा-सुनी होते ही पठान
ही देनेवाला था। परंतु उन पठानी वाॅर्डरों को सहसा कोई ऐसे हिंदू बंदी से पाला नहीं पड़ता जो उन्हें ठंेगा दिखाए, परिणामतः वे बहुत नकचढ़े बन जाते थे। उस मद्रासी के पास जाकर वाॅर्डर ने गाली-गलौज के साथ पुनः नारियल की मांग की । वह मद्रासी यह सोचकर कि नरमी से ही काम निकालना ठीक है, तिलमिलाते हुए‘इल्ले स्वामी, इल्ले कहते हुए हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगा। पठान का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। किसी हिंदू से स्वार्थवश कहा-सुनी होते ही पठान