मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

पर मार खाते रहे और ऊपर मद्रासी सवार! अंत में एक-दो मिनटों में पठान वाॅर्डर ने थपेड़ों की मार खाते-खाते फुसफुसाते हुए कहा, ‘‘ अब बस हुआ, माफ करो!’’ इस तरह ठोकरें खाते-खाते कसमसाए स्वर में की हुई प्रार्थना सुनकर मैंने सोचा, मद्रासी को अब उसे छोड़ देना ही उचित होगा। परंतु देखा तो वह मद्रासी जोर-जोर से तमिल में गालियां बकता हुआ उस पठान के सिर पर और तेजी के साथ मुक्के मारने लगा।

माफ करो में से ‘मा’

क्यांेकि उस मद्रासी को हिंदी भाषा का ज्ञान लगभग न के बराबर था,


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पर मार खाते रहे और ऊपर मद्रासी सवार! अंत में एक-दो मिनटों में पठान वाॅर्डर ने थपेड़ों की मार खाते-खाते फुसफुसाते हुए कहा, ‘‘ अब बस हुआ, माफ करो!’’ इस तरह ठोकरें खाते-खाते कसमसाए स्वर में की हुई प्रार्थना सुनकर मैंने सोचा, मद्रासी को अब उसे छोड़ देना ही उचित होगा। परंतु देखा तो वह मद्रासी जोर-जोर से तमिल में गालियां बकता हुआ उस पठान के सिर पर और तेजी के साथ मुक्के मारने लगा।

माफ करो में से ‘मा’

क्यांेकि उस मद्रासी को हिंदी भाषा का ज्ञान लगभग न के बराबर था,


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