उसमें राजबंदियों के अतिरिक्त अन्य बंदियों को काम करने और रहने के लिए छोड़ा जाने के कारण मुझे कारागृह की बहुत सारी उथल-पुथल ज्ञात होने लगी। जिस विषय की मुझे उत्सुकता थी वह विषय अर्थात् राजबंदियों की तत्रस्थ स्थिति और मेरे ज्येष्ठ बंधु का कुशल-क्षेम-उससे संबंधित काफी जानकारी गुप्त रूप से किसी-न-किसी तरह मैंने प्राप्त की। हमारे पाठकगणों के मन में यह जानने की उत्सुकता होगी कि हिंदुस्थान की स्वाधीनता के लिए भयंकर कृत्य करने
उसमें राजबंदियों के अतिरिक्त अन्य बंदियों को काम करने और रहने के लिए छोड़ा जाने के कारण मुझे कारागृह की बहुत सारी उथल-पुथल ज्ञात होने लगी। जिस विषय की मुझे उत्सुकता थी वह विषय अर्थात् राजबंदियों की तत्रस्थ स्थिति और मेरे ज्येष्ठ बंधु का कुशल-क्षेम-उससे संबंधित काफी जानकारी गुप्त रूप से किसी-न-किसी तरह मैंने प्राप्त की। हमारे पाठकगणों के मन में यह जानने की उत्सुकता होगी कि हिंदुस्थान की स्वाधीनता के लिए भयंकर कृत्य करने