मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

‘‘क्या हुआ, खान साहब?’’ उस पठान वाॅर्डर ने यह


समझकर कि मैंने कुछ भी नहीं देखा होगा, छाती तानकर कहा, ‘‘वह एक चोर साला, दही नारियल चोरी करना चाहता था। खूब धुनाई की गई उसकी।’’ मैंने सविस्मत उत्तर दिया, ‘‘ठीक, एक चोर साला दही गोला चोरी करना चाहता था, वह साला पीटा गया। क्यों, ठीक है?

वह साला चोर जो पीटा गया-वह कौन था? यह या तो उस पठान को ज्ञात था या फिर मुझे।


प्रकरण-9

तत्रस्थ राजबंदियों की पूर्व स्थिति

अब जिस त्रितल चाली में मुझे बंद किया गया था,


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‘‘क्या हुआ, खान साहब?’’ उस पठान वाॅर्डर ने यह


समझकर कि मैंने कुछ भी नहीं देखा होगा, छाती तानकर कहा, ‘‘वह एक चोर साला, दही नारियल चोरी करना चाहता था। खूब धुनाई की गई उसकी।’’ मैंने सविस्मत उत्तर दिया, ‘‘ठीक, एक चोर साला दही गोला चोरी करना चाहता था, वह साला पीटा गया। क्यों, ठीक है?

वह साला चोर जो पीटा गया-वह कौन था? यह या तो उस पठान को ज्ञात था या फिर मुझे।


प्रकरण-9

तत्रस्थ राजबंदियों की पूर्व स्थिति

अब जिस त्रितल चाली में मुझे बंद किया गया था,


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