एक कार्य तो संभव है। यह देखकर मन की कार्यपिपासा श्शांत हो गई सी लगी। छअपटाहट थम गई। हेग का निर्णय विपरीत सिद्व हो गया। पच्चीस वर्शों के बजाय अकल्पित भयंकर दंड हुआऋ पचास वर्ष, तथापि वही कार्यøम निश्चित किया। इतना ही नहीं, यह देखकर कि अंगीकृत महान् ध्येय की सिद्वि के लिए ऐसी निस्सहाय एवं निराश अवस्था में भी इतना कुछ तो किया ही जा सकता है और अभी तो कुछ ऐसा करना संभव है, जिससे यह जीवन कृतार्थ हो सकता है, मन की उदासी कुछ कम
एक कार्य तो संभव है। यह देखकर मन की कार्यपिपासा श्शांत हो गई सी लगी। छअपटाहट थम गई। हेग का निर्णय विपरीत सिद्व हो गया। पच्चीस वर्शों के बजाय अकल्पित भयंकर दंड हुआऋ पचास वर्ष, तथापि वही कार्यøम निश्चित किया। इतना ही नहीं, यह देखकर कि अंगीकृत महान् ध्येय की सिद्वि के लिए ऐसी निस्सहाय एवं निराश अवस्था में भी इतना कुछ तो किया ही जा सकता है और अभी तो कुछ ऐसा करना संभव है, जिससे यह जीवन कृतार्थ हो सकता है, मन की उदासी कुछ कम