उनमें से अनुक्रम से प्रत्येक पर विचार करना, फिर कठोर परिश्रम के तौर पर जो कठोर काम मिले वह करना, उसे करते करते ही मन में दस-बारह नई कविताओं की रचना और पुरानी कंठस्थ कविताओं की आवृत्तिा के पश्चात् भोजन करना। भोजन से निपटकर जेल बंद होने के बाद सर्वत्र श्शांति छा जाने पर ध्यान धारणा का अभ्यास करना, उसके पश्चात् रात नौ बजे तक सो जाना। नींद बहुत गाढ़ी जा जाती। एकांत कोठरी में इस तरह का कार्यøम चलता। कभी कभी ’प्रवृत्तिाचिये
उनमें से अनुक्रम से प्रत्येक पर विचार करना, फिर कठोर परिश्रम के तौर पर जो कठोर काम मिले वह करना, उसे करते करते ही मन में दस-बारह नई कविताओं की रचना और पुरानी कंठस्थ कविताओं की आवृत्तिा के पश्चात् भोजन करना। भोजन से निपटकर जेल बंद होने के बाद सर्वत्र श्शांति छा जाने पर ध्यान धारणा का अभ्यास करना, उसके पश्चात् रात नौ बजे तक सो जाना। नींद बहुत गाढ़ी जा जाती। एकांत कोठरी में इस तरह का कार्यøम चलता। कभी कभी ’प्रवृत्तिाचिये