बलिदानी वीर या अधम
कोठारी के द्वार की सलाखों से कोई झांक रहा था, ’’क्यों, कैसे हो बैरिस्टर, ठीक हो न!’’
’’हां, आपके आर्शीवाद से ठीक हूं।’’ मैंने कहा।
’’ना-ना, महाराज, कहां आप, कहां हम! क्ल ही यूरोप से आए अपने एक मित्र से मेरा संभाशण हुआ। उसने बताया,’सारे यूरोप में सावरकर को एक हुतात्मा जैसा सम्मान मिल रहा है। फ्रांस, जर्मनी आदि देशों के समाचार-पत्र आपकी तुलना बुल्फटोन-एमेट-मैजिनी के साथ कर रहे हैं ं ं ं । वे
बलिदानी वीर या अधम
कोठारी के द्वार की सलाखों से कोई झांक रहा था, ’’क्यों, कैसे हो बैरिस्टर, ठीक हो न!’’
’’हां, आपके आर्शीवाद से ठीक हूं।’’ मैंने कहा।
’’ना-ना, महाराज, कहां आप, कहां हम! क्ल ही यूरोप से आए अपने एक मित्र से मेरा संभाशण हुआ। उसने बताया,’सारे यूरोप में सावरकर को एक हुतात्मा जैसा सम्मान मिल रहा है। फ्रांस, जर्मनी आदि देशों के समाचार-पत्र आपकी तुलना बुल्फटोन-एमेट-मैजिनी के साथ कर रहे हैं ं ं ं । वे