’’उस समाचार-पत्र ने आपको दंड घोशित होने पर विशेश रूप से आनंद व्यक्त करते हुए लिखा है- ज्ीम तंेबंस ींे ंज संेज उमज ूपजी ीपे ंिजमण्ष् मैंने कहा, ’’बस, इतना ही? चलो, यह तो अच्छा ही हुआ। यूरोप में मुझे डंतजलत (शहीद) कहा गया- उन्होंने मुझे त्ंेबंस (अधम) कहा। इन दोनों में आत्यंतिक निंदा-स्तुति के अनायास ही परस्पर काट हो जाने से मेरा अपना मूलभूत मूल्य ज्यों-का-त्यों अबाधित ही रहा।’’
सुबह कोठरी का द्वारबंद हो जाता, वह पुनः
’’उस समाचार-पत्र ने आपको दंड घोशित होने पर विशेश रूप से आनंद व्यक्त करते हुए लिखा है- ज्ीम तंेबंस ींे ंज संेज उमज ूपजी ीपे ंिजमण्ष् मैंने कहा, ’’बस, इतना ही? चलो, यह तो अच्छा ही हुआ। यूरोप में मुझे डंतजलत (शहीद) कहा गया- उन्होंने मुझे त्ंेबंस (अधम) कहा। इन दोनों में आत्यंतिक निंदा-स्तुति के अनायास ही परस्पर काट हो जाने से मेरा अपना मूलभूत मूल्य ज्यों-का-त्यों अबाधित ही रहा।’’
सुबह कोठरी का द्वारबंद हो जाता, वह पुनः