मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

शाम के समय कामकाज समाप्त हाने पर बस एक दो घंटों के लिए ही मिलेगी। अतः एसे वापस लौटाया और पुनः कठोर परिश्रमार्थ जो काम दिया था, वह करने लगा। करते-करते मन-ही-मन कविता की रचना करता रहा। आखिर शाम के समय बाइबिल हाथ पड़ी।

ईसा मसीह के चरित्र तथा उपदेश के विषय में मेरे मन में हमेशा आदर भाव था। फ्रांस में मैं बाइबिल की नई पोथी (न्यू टेस्टामेंट) का चिंतन और अध्ययन करता था। अब गोविंदसिंह की ‘आर्या’ समाप्त होने को थी और ‘सप्तर्षि’


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शाम के समय कामकाज समाप्त हाने पर बस एक दो घंटों के लिए ही मिलेगी। अतः एसे वापस लौटाया और पुनः कठोर परिश्रमार्थ जो काम दिया था, वह करने लगा। करते-करते मन-ही-मन कविता की रचना करता रहा। आखिर शाम के समय बाइबिल हाथ पड़ी।

ईसा मसीह के चरित्र तथा उपदेश के विषय में मेरे मन में हमेशा आदर भाव था। फ्रांस में मैं बाइबिल की नई पोथी (न्यू टेस्टामेंट) का चिंतन और अध्ययन करता था। अब गोविंदसिंह की ‘आर्या’ समाप्त होने को थी और ‘सप्तर्षि’


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