भी पूरा होने को आ गया था। भावी काव्य-रचना के लिए आवश्यक ऐतिहासिक साहित्य साधन प्राप्त नहीं थे, और यह भी स्पष्ट निश्चित नहीं किया था कि किस विषय पर काव्य-रचना करनी है, अतः पहले ईसा का चरित्र ही मराठी में कविताबद्व करने का निश्चय किया। बाइबिल की पुरानी पोथी (ओल्ड टेस्टामेंट) का ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अध्ययन करते समय ज्यू लोगों के राष्ट्रीय कारावास की दुर्भाग्यपूण तथा असहाय अवस्था और उससे छुटकारा पाने के लिए उनके
भी पूरा होने को आ गया था। भावी काव्य-रचना के लिए आवश्यक ऐतिहासिक साहित्य साधन प्राप्त नहीं थे, और यह भी स्पष्ट निश्चित नहीं किया था कि किस विषय पर काव्य-रचना करनी है, अतः पहले ईसा का चरित्र ही मराठी में कविताबद्व करने का निश्चय किया। बाइबिल की पुरानी पोथी (ओल्ड टेस्टामेंट) का ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अध्ययन करते समय ज्यू लोगों के राष्ट्रीय कारावास की दुर्भाग्यपूण तथा असहाय अवस्था और उससे छुटकारा पाने के लिए उनके