कृषि कार्य सौंपे जाते है। यदि ऐसा हो तो कारागृह की इस कोठरी के जीवन से उधर का जीवन अत्यधिक सुसह्म होने की संभावना है। कम-से-कम सागर तट पर पल भर रूककर खुली हवा में सांस लेना तो संभव होगा- लोगों में घुल-मिल जाने का सुअवसर प्राप्त होगा, उसके योग से पुनः प्रचार और लोकोपयुक्त कार्य भी करना संभव होगा। दस वर्षों के पश्चात् अपने परिवार के साथ घर भी बसाया जा सकता है और उनका, जिन्हें कोठरी के इस बंदीगृह की सुरंग में ही सारी सजा काटनी है? उनमें से कोई मेरे बाल मित्र थे,
कृषि कार्य सौंपे जाते है। यदि ऐसा हो तो कारागृह की इस कोठरी के जीवन से उधर का जीवन अत्यधिक सुसह्म होने की संभावना है। कम-से-कम सागर तट पर पल भर रूककर खुली हवा में सांस लेना तो संभव होगा- लोगों में घुल-मिल जाने का सुअवसर प्राप्त होगा, उसके योग से पुनः प्रचार और लोकोपयुक्त कार्य भी करना संभव होगा। दस वर्षों के पश्चात् अपने परिवार के साथ घर भी बसाया जा सकता है और उनका, जिन्हें कोठरी के इस बंदीगृह की सुरंग में ही सारी सजा काटनी है? उनमें से कोई मेरे बाल मित्र थे,