मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

कोई विश्वस्त सहयोगी थी तो कोई अभिन्नह्नदय सहचारी थे- प्रायः सभी मुझपर असीम श्रद्वा रखते थे, मुझसे निस्स्वार्थ प्रेम करते आए थे। उन पर तथा उनके परिवारों पर आ पड़े संकट में मैं उन्हें नहीं बचा सका, न ही उनकी किसी तरह सहायता कर सका। इस भ्रान्ति से कि मेरे कारण ही उन्हें इतनी सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा ह, क्या वे मुझसे रूष्ट नहीं हुए होंगे? उस पर भी मुझे उनकी वृद्व ममतामयी माताओं पर, जिन्होंने उन्हें पाल-पोसकर बड़ा किया और उनसे उनकी अंधे की


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कोई विश्वस्त सहयोगी थी तो कोई अभिन्नह्नदय सहचारी थे- प्रायः सभी मुझपर असीम श्रद्वा रखते थे, मुझसे निस्स्वार्थ प्रेम करते आए थे। उन पर तथा उनके परिवारों पर आ पड़े संकट में मैं उन्हें नहीं बचा सका, न ही उनकी किसी तरह सहायता कर सका। इस भ्रान्ति से कि मेरे कारण ही उन्हें इतनी सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा ह, क्या वे मुझसे रूष्ट नहीं हुए होंगे? उस पर भी मुझे उनकी वृद्व ममतामयी माताओं पर, जिन्होंने उन्हें पाल-पोसकर बड़ा किया और उनसे उनकी अंधे की


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