अब कहो कि मेरा काम कैसे निकले? अगर सोचा जाय कि चन्द्रकान्ता को लेकर भाग जाऊं, तो कहाँ जाऊं और कहाँ रह कर आराम करूं? फिर ले जाने के बाद मेरे बाप की महाराज क्या दुर्दशा करेंगे? इससे तो यही मुनासिब होगा कि पहले बीरेन्द्रसिंह और उसके ऐयार तेजसिंह को किसी तरह गिरफ्तार कर किसी ऐसी जगह ले जाकर खपा ड़ाला जाय कि हजार वर्ष तक पता न लगे, और इसके बाद मौका पाकर महाराज को मारने की फिक्र की जाय फिर तो मैं झट गदी का मालिक बन जाऊंगा और
अब कहो कि मेरा काम कैसे निकले? अगर सोचा जाय कि चन्द्रकान्ता को लेकर भाग जाऊं, तो कहाँ जाऊं और कहाँ रह कर आराम करूं? फिर ले जाने के बाद मेरे बाप की महाराज क्या दुर्दशा करेंगे? इससे तो यही मुनासिब होगा कि पहले बीरेन्द्रसिंह और उसके ऐयार तेजसिंह को किसी तरह गिरफ्तार कर किसी ऐसी जगह ले जाकर खपा ड़ाला जाय कि हजार वर्ष तक पता न लगे, और इसके बाद मौका पाकर महाराज को मारने की फिक्र की जाय फिर तो मैं झट गदी का मालिक बन जाऊंगा और