चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

इसलिए हमारे महाराज ने मुझे यहाँ भेजा है।’

महाराज – ‘इस दुष्ट जालिम खाँ ने वहाँ तो किसी की जान न ली?’

बद्रीनाथ – ‘नहीं, वहाँ अभी उसका दाँव नहीं लगा, ऐयार लोग भी बड़ी मुस्तैदी से उसकी गिरफ्तारी की फिक्र में लगे हुए हैं।

महाराज – ‘यहाँ तो उसने कई खून किए।’

बद्रीनाथ – ‘शहर में आते ही मुझे खबर लग चुकी है, खैर, देखा जाएगा।’

महाराज – ‘अगर ज्योतिषी जी को भी साथ लाते तो उनके रमल की मदद से बहुत जल्द गिरफ्तार हो जाता।’

बद्रीनाथ – ‘महाराज,


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इसलिए हमारे महाराज ने मुझे यहाँ भेजा है।’

महाराज – ‘इस दुष्ट जालिम खाँ ने वहाँ तो किसी की जान न ली?’

बद्रीनाथ – ‘नहीं, वहाँ अभी उसका दाँव नहीं लगा, ऐयार लोग भी बड़ी मुस्तैदी से उसकी गिरफ्तारी की फिक्र में लगे हुए हैं।

महाराज – ‘यहाँ तो उसने कई खून किए।’

बद्रीनाथ – ‘शहर में आते ही मुझे खबर लग चुकी है, खैर, देखा जाएगा।’

महाराज – ‘अगर ज्योतिषी जी को भी साथ लाते तो उनके रमल की मदद से बहुत जल्द गिरफ्तार हो जाता।’

बद्रीनाथ – ‘महाराज,


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