इसलिए हमारे महाराज ने मुझे यहाँ भेजा है।’
महाराज – ‘इस दुष्ट जालिम खाँ ने वहाँ तो किसी की जान न ली?’
बद्रीनाथ – ‘नहीं, वहाँ अभी उसका दाँव नहीं लगा, ऐयार लोग भी बड़ी मुस्तैदी से उसकी गिरफ्तारी की फिक्र में लगे हुए हैं।
महाराज – ‘यहाँ तो उसने कई खून किए।’
बद्रीनाथ – ‘शहर में आते ही मुझे खबर लग चुकी है, खैर, देखा जाएगा।’
महाराज – ‘अगर ज्योतिषी जी को भी साथ लाते तो उनके रमल की मदद से बहुत जल्द गिरफ्तार हो जाता।’
बद्रीनाथ – ‘महाराज,
इसलिए हमारे महाराज ने मुझे यहाँ भेजा है।’
महाराज – ‘इस दुष्ट जालिम खाँ ने वहाँ तो किसी की जान न ली?’
बद्रीनाथ – ‘नहीं, वहाँ अभी उसका दाँव नहीं लगा, ऐयार लोग भी बड़ी मुस्तैदी से उसकी गिरफ्तारी की फिक्र में लगे हुए हैं।
महाराज – ‘यहाँ तो उसने कई खून किए।’
बद्रीनाथ – ‘शहर में आते ही मुझे खबर लग चुकी है, खैर, देखा जाएगा।’
महाराज – ‘अगर ज्योतिषी जी को भी साथ लाते तो उनके रमल की मदद से बहुत जल्द गिरफ्तार हो जाता।’
बद्रीनाथ – ‘महाराज,