जरा इसकी बहादुरी की तरफ ख्याल कीजिए कि इश्तिहार दे कर डंके की चोट काम कर रहा है। ऐसे शख्स की गिरफ्तारी भी उसी तरह होनी चाहिए। ज्योतिषी जी की मदद की इसमें क्या जरूरत है।’
महाराज – ‘देखें वह कैसे गिरफ्तार होता है, शहर भर उसके खौफ से काँप रहा है।’
बद्रीनाथ – ‘घबराइए नहीं, सुबह-शाम में किसी न किसी को गिरफ्तार करता हूँ।’
महाराज – ‘क्या वे लोग कई आदमी हैं?’
बद्रीनाथ – ‘जरूर कई आदमी होंगे। यह अकेले का काम नहीं है कि यहाँ
जरा इसकी बहादुरी की तरफ ख्याल कीजिए कि इश्तिहार दे कर डंके की चोट काम कर रहा है। ऐसे शख्स की गिरफ्तारी भी उसी तरह होनी चाहिए। ज्योतिषी जी की मदद की इसमें क्या जरूरत है।’
महाराज – ‘देखें वह कैसे गिरफ्तार होता है, शहर भर उसके खौफ से काँप रहा है।’
बद्रीनाथ – ‘घबराइए नहीं, सुबह-शाम में किसी न किसी को गिरफ्तार करता हूँ।’
महाराज – ‘क्या वे लोग कई आदमी हैं?’
बद्रीनाथ – ‘जरूर कई आदमी होंगे। यह अकेले का काम नहीं है कि यहाँ