जल्दी उठो, अब बैठने का मौका नहीं !’’ चन्द्रकान्ता की तरफ देखकर बोले, ‘‘हम लोगों के जल्दी चले जाने का रंज तुम मत करना और जब तक महाराज यहां न आयें इसी तरह सब-की-सब बैठी रहना।’’
चन्द्रकान्ता: इतनी जल्दी करने का सबब क्या है और यह कौन था जिसकी बात सुनकर भागना पड़ा ?
तेजः (जल्दी से) अब बात करने का मौका नहीं रहा।
यह कहकर वीरेन्द्रसिंह को जबरदस्ती उठाया और साथ ले कमन्द के जरिए बाग के बाहर हो गये।
चन्द्रकान्ता को वीरेन्द्रसिंह
जल्दी उठो, अब बैठने का मौका नहीं !’’ चन्द्रकान्ता की तरफ देखकर बोले, ‘‘हम लोगों के जल्दी चले जाने का रंज तुम मत करना और जब तक महाराज यहां न आयें इसी तरह सब-की-सब बैठी रहना।’’
चन्द्रकान्ता: इतनी जल्दी करने का सबब क्या है और यह कौन था जिसकी बात सुनकर भागना पड़ा ?
तेजः (जल्दी से) अब बात करने का मौका नहीं रहा।
यह कहकर वीरेन्द्रसिंह को जबरदस्ती उठाया और साथ ले कमन्द के जरिए बाग के बाहर हो गये।
चन्द्रकान्ता को वीरेन्द्रसिंह