चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

अलग मत कीजिए और कृपा करके इसका हाल शुरू से कहिए।’

बाबा जी – ‘अच्छा, जैसी आपकी मर्जी।’

चन्द्रकान्ता ( चौथा भाग : उन्नीसवां बयान)

महाराज जयसिंह और सुरेंद्रसिंह के पूछने पर सिद्धनाथ बाबा ने इस दिलचस्प पहाड़ी और कुमारी चंद्रकांता का हाल कहना शुरू किया।

बाबा जी – ‘मुझे मालूम था कि यह पहाड़ी एक छोटा-सा तिलिस्म है और चुनारगढ़ के इलाके में भी कोई तिलिस्म है। जिसके हाथ से वह तिलिस्म टूटेगा उसकी शादी जिसके साथ होगी उसी के दहेज


1183 of 1230

अलग मत कीजिए और कृपा करके इसका हाल शुरू से कहिए।’

बाबा जी – ‘अच्छा, जैसी आपकी मर्जी।’

चन्द्रकान्ता ( चौथा भाग : उन्नीसवां बयान)

महाराज जयसिंह और सुरेंद्रसिंह के पूछने पर सिद्धनाथ बाबा ने इस दिलचस्प पहाड़ी और कुमारी चंद्रकांता का हाल कहना शुरू किया।

बाबा जी – ‘मुझे मालूम था कि यह पहाड़ी एक छोटा-सा तिलिस्म है और चुनारगढ़ के इलाके में भी कोई तिलिस्म है। जिसके हाथ से वह तिलिस्म टूटेगा उसकी शादी जिसके साथ होगी उसी के दहेज


1183 of 1230