क्या मौके पर मिल गईं ! नहीं तो मुझे बड़ा तरद्दुद तुमसे मिलने के लिए करना पड़ता क्योंकि-बहुत-सी जरूरी बातें कहनी थीं, आओ इस जगह बैठो।’’
एक साफ पत्थर की चट्टान पर दोनों बैठ गये। चपला ने कहा, ‘‘कहो वह कौन-सी बातें हैं ?’’ तेजसिंह ने कहा, ‘‘सुनो, यह तो तुम जानती ही हो कि क्रूर चुनार गया है। अब वहाँ का हाल सुनो, चार ऐयार और एक पण्डित जगन्नाथ ज्योतिषी को महाराज शिवदत्त ने मदद के लिए उसके संग कर दिया है और वे लोग यहाँ पहुँच
क्या मौके पर मिल गईं ! नहीं तो मुझे बड़ा तरद्दुद तुमसे मिलने के लिए करना पड़ता क्योंकि-बहुत-सी जरूरी बातें कहनी थीं, आओ इस जगह बैठो।’’
एक साफ पत्थर की चट्टान पर दोनों बैठ गये। चपला ने कहा, ‘‘कहो वह कौन-सी बातें हैं ?’’ तेजसिंह ने कहा, ‘‘सुनो, यह तो तुम जानती ही हो कि क्रूर चुनार गया है। अब वहाँ का हाल सुनो, चार ऐयार और एक पण्डित जगन्नाथ ज्योतिषी को महाराज शिवदत्त ने मदद के लिए उसके संग कर दिया है और वे लोग यहाँ पहुँच