बनाकर आपके जनाने में नहीं गया इससे आप खातिर जमा रखिए।
हरदयालसिंहः तुमको तो मैं अपने लड़के से ज्यादा मानता हूँ, अगर जनाने में जाते भी तो क्या था ! खैर, हाल कहो।
तेजसिंह ने महाराज जयसिंह की चिट्ठी दिखाई, हरदयाल के कपड़े जो पहने हुए थे उनको दे दिये और अब खुलासा हाल कह कर बोले, ‘‘अब आप अपने कपड़े सहेज लीजिए और यह चिट्ठी लेकर दरबार में जाइए, राजा से मुझको मांग लीजिए जिससे मैं आपके साथ चलूं, नहीं तो वे ऐयार जो चुनार से आये
बनाकर आपके जनाने में नहीं गया इससे आप खातिर जमा रखिए।
हरदयालसिंहः तुमको तो मैं अपने लड़के से ज्यादा मानता हूँ, अगर जनाने में जाते भी तो क्या था ! खैर, हाल कहो।
तेजसिंह ने महाराज जयसिंह की चिट्ठी दिखाई, हरदयाल के कपड़े जो पहने हुए थे उनको दे दिये और अब खुलासा हाल कह कर बोले, ‘‘अब आप अपने कपड़े सहेज लीजिए और यह चिट्ठी लेकर दरबार में जाइए, राजा से मुझको मांग लीजिए जिससे मैं आपके साथ चलूं, नहीं तो वे ऐयार जो चुनार से आये