चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

यह सुन लौंडी दौड़ी गई और वे टुकड़े ले आई। तेजसिंह ने कुमार को दिखलाकर कहा, “देखिए यह बनावटी लाश है या नहीं, इसमें हड्डी कहां है?” कुमार ने देखकर कहा, “ठीक है, मगर उन लोगों ने बड़ी बदमाशी की!” तेजसिंह ने कहा, “खैर जो होना था हो गया, देखिए अब हम क्या करते हैं।”

सबेरा हो गया। महाराज, कुमार और तेजसिंह बैठे बातें कर रहे थे कि हरदयालसिंह ने पहुंचकर महाराज को सलाम किया। उन्होंने बैठने का इशारा किया। दीवान साहब बैठ गये और सबों


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यह सुन लौंडी दौड़ी गई और वे टुकड़े ले आई। तेजसिंह ने कुमार को दिखलाकर कहा, “देखिए यह बनावटी लाश है या नहीं, इसमें हड्डी कहां है?” कुमार ने देखकर कहा, “ठीक है, मगर उन लोगों ने बड़ी बदमाशी की!” तेजसिंह ने कहा, “खैर जो होना था हो गया, देखिए अब हम क्या करते हैं।”

सबेरा हो गया। महाराज, कुमार और तेजसिंह बैठे बातें कर रहे थे कि हरदयालसिंह ने पहुंचकर महाराज को सलाम किया। उन्होंने बैठने का इशारा किया। दीवान साहब बैठ गये और सबों


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