चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

आंखों से आंसू जारी हैं। तेजसिंह को देखते ही पूछा, “क्या हाल है?” जवाब दिया, “अच्छे हैं, होश में आ गए, चलिए देखिए।” यह सुन महाराज अंदर गए, उन्हें देखते ही कुमार उठ खड़े हुए, महाराज ने गले से लगा लिया। पूछा, “मिजाज कैसा है!” कुमार ने कहा, “अच्छा है!” कई लौंडियां भी उस जगह आईं जिनको कुमार का हाल लेने के लिए महारानी ने भेजा था। एक लौंडी से तेजसिंह ने कहा, “दोनों लाशों में से जो टुकड़े हाथ-पैर के मैंने काटे थे उन्हें ले आ।”


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आंखों से आंसू जारी हैं। तेजसिंह को देखते ही पूछा, “क्या हाल है?” जवाब दिया, “अच्छे हैं, होश में आ गए, चलिए देखिए।” यह सुन महाराज अंदर गए, उन्हें देखते ही कुमार उठ खड़े हुए, महाराज ने गले से लगा लिया। पूछा, “मिजाज कैसा है!” कुमार ने कहा, “अच्छा है!” कई लौंडियां भी उस जगह आईं जिनको कुमार का हाल लेने के लिए महारानी ने भेजा था। एक लौंडी से तेजसिंह ने कहा, “दोनों लाशों में से जो टुकड़े हाथ-पैर के मैंने काटे थे उन्हें ले आ।”


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