अर्ज किया कि “लड़ाई की खबर लेकर एक जासूस आया है, दरवाजे पर हाजिर है, उसके बारे में क्या हुक्म होता है?” हरदयालसिंह ने कहा, “इसी जगह हाजिर करो।” जासूस लाया गया। उसने कहा, “दुश्मनों को रोकने के लिए यहां से मुसलमानी फौज भेजी गई थी। उसके पहुंचने तक दुश्मन चार कोस और आगे बढ़ आये थे। मुकाबले के वक्त ये लोग भागने लगे, यह हाल देखकर तोपखाने वालों ने पीछे से बाढ़ मारी जिससे करीब चौथाई आदमी मारे गये। फिर भागने का हौसला न पड़ा और खूब लड़े,
अर्ज किया कि “लड़ाई की खबर लेकर एक जासूस आया है, दरवाजे पर हाजिर है, उसके बारे में क्या हुक्म होता है?” हरदयालसिंह ने कहा, “इसी जगह हाजिर करो।” जासूस लाया गया। उसने कहा, “दुश्मनों को रोकने के लिए यहां से मुसलमानी फौज भेजी गई थी। उसके पहुंचने तक दुश्मन चार कोस और आगे बढ़ आये थे। मुकाबले के वक्त ये लोग भागने लगे, यह हाल देखकर तोपखाने वालों ने पीछे से बाढ़ मारी जिससे करीब चौथाई आदमी मारे गये। फिर भागने का हौसला न पड़ा और खूब लड़े,