यहां तक कि लगभग हजार दुश्मनों को काट गिराया लेकिन वह फौज भी तमाम हो चली, अगर फौरन मदद न भेजी जायगी तो तोपखाने वाले भी मारे जायेंगे।”
यह सुनते ही कुमार ने दीवान हरदयालसिंह को हुक्म दिया कि “पांच हजार फौज जल्दी मदद पर भेजी जाय और वहां पर हमारे लिए भी खेमा रवाना करो, दोपहर को हम भी उस तरफ कूच करेंगे।” हरदयालसिंह फौज भेजने के लिए चले गये। महाराज ने कुमार से कहा, “हम भी तुम्हारे साथ चलेंगे।” कुमार ने कहा, “ऐसी जल्दी क्या है? आप यहां रहें,
यहां तक कि लगभग हजार दुश्मनों को काट गिराया लेकिन वह फौज भी तमाम हो चली, अगर फौरन मदद न भेजी जायगी तो तोपखाने वाले भी मारे जायेंगे।”
यह सुनते ही कुमार ने दीवान हरदयालसिंह को हुक्म दिया कि “पांच हजार फौज जल्दी मदद पर भेजी जाय और वहां पर हमारे लिए भी खेमा रवाना करो, दोपहर को हम भी उस तरफ कूच करेंगे।” हरदयालसिंह फौज भेजने के लिए चले गये। महाराज ने कुमार से कहा, “हम भी तुम्हारे साथ चलेंगे।” कुमार ने कहा, “ऐसी जल्दी क्या है? आप यहां रहें,