इससे यही ठीक होगा कि तुम यहां रहो और मैं कुमारी की खोज में जाऊं।”
देवीसिंह ने कहा, “जैसी आपकी खुशी।”
तेजसिंह ने कुमार से कहा, “आपके पास देवीसिंह है। मैं जाता हूं, जरा होशियारी से रहिएगा और लड़ाई में जल्दी न कीजिएगा।”
कुमार ने कहा, “अच्छा जाओ, ईश्वर तुम्हारी रक्षा करें।”
बातचीत करते शाम हो गई बल्कि कुछ रात भी चली गई, तेजसिंह उठ खड़े हुए और जरूरी चीजें ले ऐयारी के सामान से लैस हो वहां के एक घने जंगल की तरफ चले गये।
इससे यही ठीक होगा कि तुम यहां रहो और मैं कुमारी की खोज में जाऊं।”
देवीसिंह ने कहा, “जैसी आपकी खुशी।”
तेजसिंह ने कुमार से कहा, “आपके पास देवीसिंह है। मैं जाता हूं, जरा होशियारी से रहिएगा और लड़ाई में जल्दी न कीजिएगा।”
कुमार ने कहा, “अच्छा जाओ, ईश्वर तुम्हारी रक्षा करें।”
बातचीत करते शाम हो गई बल्कि कुछ रात भी चली गई, तेजसिंह उठ खड़े हुए और जरूरी चीजें ले ऐयारी के सामान से लैस हो वहां के एक घने जंगल की तरफ चले गये।