चन्द्रकान्ता ( दूसरा भाग : पाँचवाँ बयान)
चंद्रकान्ता को ले जाकर कहां रखा होगा? अच्छे कमरे में या अंधेरी कोठरी में? उसको खाने को क्या दिया होगा और वह बेचारी सिवाय रोने के क्या करती होगी। खाने-पीने की उसे कब सुध होगी। उसका मुंह दु:ख और भय से सूख गया होगा। उसको राजी करने के लिए तंग करते होंगे। कहीं ऐसा न हो कि उसने तंग होकर जान दे दी हो।’ इन्हीं सब बातों को सोचते और ख्याल करते कुमार को रात-भर नींद न आई। सबेरा हुआ ही चाहता
चन्द्रकान्ता ( दूसरा भाग : पाँचवाँ बयान)
चंद्रकान्ता को ले जाकर कहां रखा होगा? अच्छे कमरे में या अंधेरी कोठरी में? उसको खाने को क्या दिया होगा और वह बेचारी सिवाय रोने के क्या करती होगी। खाने-पीने की उसे कब सुध होगी। उसका मुंह दु:ख और भय से सूख गया होगा। उसको राजी करने के लिए तंग करते होंगे। कहीं ऐसा न हो कि उसने तंग होकर जान दे दी हो।’ इन्हीं सब बातों को सोचते और ख्याल करते कुमार को रात-भर नींद न आई। सबेरा हुआ ही चाहता