चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

के बाद सब औरतों ने खूब गालियां दीं-”मुए को देखो, अभी और औरतों को फंसाने की फिक्र में लगा है?न मालूम यह बुङ्ढी इसको कहां से मिल गई, बड़ी शैतान मालूम पड़ती है! कहती है, देखो मैं कितनी औरतें फंसा लाती हूं। हे परमेश्वर इन लोगों पर तेरी भी कृपा बनी रहती है? न मालूम यह डाइन कितने घर चौपट करेगी!”

चंपा ने उस बुढ़िया को खूब गौर करके देखा और आधो घंटे तक कुछ सोचती रही, मगर महारानी को सिवाय रोने के और कोई धुन न थी। ”हाय,महाराज की लड़ाई में क्या दशा हुई होगी,


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के बाद सब औरतों ने खूब गालियां दीं-”मुए को देखो, अभी और औरतों को फंसाने की फिक्र में लगा है?न मालूम यह बुङ्ढी इसको कहां से मिल गई, बड़ी शैतान मालूम पड़ती है! कहती है, देखो मैं कितनी औरतें फंसा लाती हूं। हे परमेश्वर इन लोगों पर तेरी भी कृपा बनी रहती है? न मालूम यह डाइन कितने घर चौपट करेगी!”

चंपा ने उस बुढ़िया को खूब गौर करके देखा और आधो घंटे तक कुछ सोचती रही, मगर महारानी को सिवाय रोने के और कोई धुन न थी। ”हाय,महाराज की लड़ाई में क्या दशा हुई होगी,


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