चन्द्रकान्ता - Chandrakanta



देवी-क्यों बे शैतान, हम कब से तेरे चेले हुए? बेअदबी करता है?

बांका-बेअदबी तो आप करते हैं कि ओस्ताद को बे-बे करके बुलाते हैं, कुछ इज्जत नहीं करते!

देवी-मालूम होता है तेरी मौत तुझको यहां ले आई है।

बांका-मैं तो स्वयं मौत हूं।

देवी-इस बेअदबी का मजा चखाऊं तुझको?

बांका-मैं कुछ ऐसे-वैसे का भेजा नहीं आया हूं, मुझको उसने भेजा है जिसको तुम दिन में साढ़े सत्रह दफा झुककर सलाम करोगे।

देवीसिंह और कुछ कहा ही चाहते थे कि तेजसिंह ने रोक दिया और कहा,


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देवी-क्यों बे शैतान, हम कब से तेरे चेले हुए? बेअदबी करता है?

बांका-बेअदबी तो आप करते हैं कि ओस्ताद को बे-बे करके बुलाते हैं, कुछ इज्जत नहीं करते!

देवी-मालूम होता है तेरी मौत तुझको यहां ले आई है।

बांका-मैं तो स्वयं मौत हूं।

देवी-इस बेअदबी का मजा चखाऊं तुझको?

बांका-मैं कुछ ऐसे-वैसे का भेजा नहीं आया हूं, मुझको उसने भेजा है जिसको तुम दिन में साढ़े सत्रह दफा झुककर सलाम करोगे।

देवीसिंह और कुछ कहा ही चाहते थे कि तेजसिंह ने रोक दिया और कहा,


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