चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

“चुप रहो, मालूम होता है यह कोई ऐयार या मसखरा है, तुम खुद ऐयार होकर जरा दिल्लगी में रंज हो जाते हो!

बांका-अगर अब भी न समझोगे तो समझाने के लिए मैं चंपा को बुला लाऊंगा।

उस बांके-टेढ़े जवान की बात पर सब लोग एकदम हंस पड़े, मगर हैरान थे कि वह कौन है? अजब तमाशा तो यह कि वनकन्या के कुल आदमी हम लोगों का रत्ती-रत्ती हाल जानते हैं और हम लोग कुछ नहीं समझ सकते कि वे कौन हैं!

तेजसिंह उस शैतान की सूरत को गौर से देखने लगे। वह बोला,


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“चुप रहो, मालूम होता है यह कोई ऐयार या मसखरा है, तुम खुद ऐयार होकर जरा दिल्लगी में रंज हो जाते हो!

बांका-अगर अब भी न समझोगे तो समझाने के लिए मैं चंपा को बुला लाऊंगा।

उस बांके-टेढ़े जवान की बात पर सब लोग एकदम हंस पड़े, मगर हैरान थे कि वह कौन है? अजब तमाशा तो यह कि वनकन्या के कुल आदमी हम लोगों का रत्ती-रत्ती हाल जानते हैं और हम लोग कुछ नहीं समझ सकते कि वे कौन हैं!

तेजसिंह उस शैतान की सूरत को गौर से देखने लगे। वह बोला,


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