सच्चे दिल से ही लिखी है तो अपने छूटने का खुलासा हाल क्यों नहीं लिखा?
ज्यो-इसका भी जरूर कोई सबब होगा।
कुमार-क्या आप रमल से नहीं बता सकते कि वह कैसे छूटा।
ज्यो-जी नहीं, तिलिस्म में रमल काम नहीं करता और वह तहखाना तिलिस्मी है जिसमें महाराज शिवदत्त कैद किए गए थे।
तेज-कुछ समझ में नहीं आता!
देवी-वह चुडैल भी कोई पूरी ऐयार मालूम होती है।
ज्यो-कभी नहीं, मैं सोच चुका हूं, ऐयारी का तो वह नाम भी नहीं जानती।
कुमार-खैर जो कुछ होगा देखा जायगा,
सच्चे दिल से ही लिखी है तो अपने छूटने का खुलासा हाल क्यों नहीं लिखा?
ज्यो-इसका भी जरूर कोई सबब होगा।
कुमार-क्या आप रमल से नहीं बता सकते कि वह कैसे छूटा।
ज्यो-जी नहीं, तिलिस्म में रमल काम नहीं करता और वह तहखाना तिलिस्मी है जिसमें महाराज शिवदत्त कैद किए गए थे।
तेज-कुछ समझ में नहीं आता!
देवी-वह चुडैल भी कोई पूरी ऐयार मालूम होती है।
ज्यो-कभी नहीं, मैं सोच चुका हूं, ऐयारी का तो वह नाम भी नहीं जानती।
कुमार-खैर जो कुछ होगा देखा जायगा,