की छाया पहुंची हुई थी और दोनों पेड़ों के नीचे छोटे-छोटे संगमर्मर के चबूतरे बने हुए थे। बाएं तरफ के चबूतरे पर नरम गलीचा बिछा हुआ था, बगल में एक टोंटीदार चांदी का गड़वा, उसके पास ही शहतूत के पत्तो पर बना-बनाया दातून एक तरफ से चिरा हुआ था, बगल में एक छोटी-सी चांदी की चौकी पर धाोती, गमछा और पहिरने के खूबसूरत और कीमती कपड़े भी रखे हुए थे।
दाहिनी तरफ वाले संगमर्मर के चबूतरे पर चांदी की एक चौकी थी जिस पर पूजा का सामान धारा हुआ था। छोटे-छोटे जड़ाऊ पंचपात्र,
की छाया पहुंची हुई थी और दोनों पेड़ों के नीचे छोटे-छोटे संगमर्मर के चबूतरे बने हुए थे। बाएं तरफ के चबूतरे पर नरम गलीचा बिछा हुआ था, बगल में एक टोंटीदार चांदी का गड़वा, उसके पास ही शहतूत के पत्तो पर बना-बनाया दातून एक तरफ से चिरा हुआ था, बगल में एक छोटी-सी चांदी की चौकी पर धाोती, गमछा और पहिरने के खूबसूरत और कीमती कपड़े भी रखे हुए थे।
दाहिनी तरफ वाले संगमर्मर के चबूतरे पर चांदी की एक चौकी थी जिस पर पूजा का सामान धारा हुआ था। छोटे-छोटे जड़ाऊ पंचपात्र,