गिरफ्तार हो जाने और लश्कर के भाग जाने का हाल सुन आंखें लाल हो गईं। दीवान जीतसिंह की तरफ देखकर बोले, “हमारे यहां इस वक्त फौज तो है नहीं, थोड़े-बहुत सिपाही जो कुछ हैं उनको लेकर इसी वक्त कूच करूंगा। ऐसे नामर्द को मारना कोई बड़ी बात नहीं है।”
जीत-ऐसा ही होना चाहिए, सरकार के कूच की बात सुनकर भागी हुई फौज भी इकट्ठी हो जायगी।
ये बातें हो ही रही थीं कि दो जासूस और दरबार में हाजिर हुए। पूछने से उन्होंने कहा, “कुमार के गायब होने,
गिरफ्तार हो जाने और लश्कर के भाग जाने का हाल सुन आंखें लाल हो गईं। दीवान जीतसिंह की तरफ देखकर बोले, “हमारे यहां इस वक्त फौज तो है नहीं, थोड़े-बहुत सिपाही जो कुछ हैं उनको लेकर इसी वक्त कूच करूंगा। ऐसे नामर्द को मारना कोई बड़ी बात नहीं है।”
जीत-ऐसा ही होना चाहिए, सरकार के कूच की बात सुनकर भागी हुई फौज भी इकट्ठी हो जायगी।
ये बातें हो ही रही थीं कि दो जासूस और दरबार में हाजिर हुए। पूछने से उन्होंने कहा, “कुमार के गायब होने,