चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

और खबरों को सुन तीनों ऐयार वहां से रवाना हो गए और एकांत में जाकर आपस में सलाह करने लगे।

तेज-अब क्या करना चाहिए?

देवी-चाहे जो भी हो पहले तो कुमार को ही खोजना चाहिए।

तेज-मैं कहता हूं कि तुम लश्कर की तरफ जाओ और हम दोनों कुमार की खोज करते हैं।

ज्यो-मेरी बात मानो तो पहले एक दफे उस तहखाने (खोह) में चलो जिसमें महाराज शिवदत्त को कैद किया था।

तेज-उसका तो दरवाजा ही नहीं खुलता।

ज्यो-भला चलो तो सही, शायद किसी तरकीब से खुल जाय।


842 of 1230

और खबरों को सुन तीनों ऐयार वहां से रवाना हो गए और एकांत में जाकर आपस में सलाह करने लगे।

तेज-अब क्या करना चाहिए?

देवी-चाहे जो भी हो पहले तो कुमार को ही खोजना चाहिए।

तेज-मैं कहता हूं कि तुम लश्कर की तरफ जाओ और हम दोनों कुमार की खोज करते हैं।

ज्यो-मेरी बात मानो तो पहले एक दफे उस तहखाने (खोह) में चलो जिसमें महाराज शिवदत्त को कैद किया था।

तेज-उसका तो दरवाजा ही नहीं खुलता।

ज्यो-भला चलो तो सही, शायद किसी तरकीब से खुल जाय।


842 of 1230