मुश्किल से यहां तक खबर देने आया हूं। आती दफे रास्ते में उसे दीवारों पर कागज चिपकाते देखा मगर खौफ के मारे कुछ न बोला।
पन्ना – यह बुरी खबर सुनने में आई!
बद्री – वे लोग कै आदमी हैं, तुमने देखा है?
चोब – कई आदमी मालूम होते हैं मगर मुझे एक ही से वास्ता पड़ा था।
बद्री – तुम उसे पहचान सकते हो?
चोब – हां, जरूर पहचान लूंगा क्योंकि मैंने रोशनी में उसकी सूरत बखूबी देखीहै।
बद्री – मैं उन लोगों को ढूंढने चलता हूं, तुम साथ चल सकते हो?
मुश्किल से यहां तक खबर देने आया हूं। आती दफे रास्ते में उसे दीवारों पर कागज चिपकाते देखा मगर खौफ के मारे कुछ न बोला।
पन्ना – यह बुरी खबर सुनने में आई!
बद्री – वे लोग कै आदमी हैं, तुमने देखा है?
चोब – कई आदमी मालूम होते हैं मगर मुझे एक ही से वास्ता पड़ा था।
बद्री – तुम उसे पहचान सकते हो?
चोब – हां, जरूर पहचान लूंगा क्योंकि मैंने रोशनी में उसकी सूरत बखूबी देखीहै।
बद्री – मैं उन लोगों को ढूंढने चलता हूं, तुम साथ चल सकते हो?