चन्द्रकान्ता - Chandrakanta



कुमार – ‘हाँ ज्योतिषी जी, आप किले में मत जाइए।’

ज्योतिषी – ‘अगर मैं ऐयारी न जानता होता तो आपका ऐसा कहना मुनासिब था, मगर जो ऐयारी जानता है उसके आगे जवाँमर्दी और दिलावरी हाथ जोड़े खड़ी रहती हैं।’

देवीसिंह – ‘अच्छा चलिए फिर, हमको क्या, हमें तो और फायदा ही है।’

कुमार – ‘फायदा क्या?’

देवीसिंह – इसमें तो कोई शक नहीं ज्योतिषी जी हम लोगों के पूरे दोस्त हैं, कभी संग न छोड़ेंगे, अगर यह मर भी जाएँगे तो ब्रह्मराक्षस होंगे, और भी हमारा काम इनसे निकला करेगा।’


915 of 1230



कुमार – ‘हाँ ज्योतिषी जी, आप किले में मत जाइए।’

ज्योतिषी – ‘अगर मैं ऐयारी न जानता होता तो आपका ऐसा कहना मुनासिब था, मगर जो ऐयारी जानता है उसके आगे जवाँमर्दी और दिलावरी हाथ जोड़े खड़ी रहती हैं।’

देवीसिंह – ‘अच्छा चलिए फिर, हमको क्या, हमें तो और फायदा ही है।’

कुमार – ‘फायदा क्या?’

देवीसिंह – इसमें तो कोई शक नहीं ज्योतिषी जी हम लोगों के पूरे दोस्त हैं, कभी संग न छोड़ेंगे, अगर यह मर भी जाएँगे तो ब्रह्मराक्षस होंगे, और भी हमारा काम इनसे निकला करेगा।’


915 of 1230