तेजसिंह: सच है, वह नालायक जहाँ तक भी होगा राजा पर भी बहुत जल्द हाथ फेरेगा, अस्तु अब मैं दो दिन चन्द्रकान्ता के महल में न जाकर दरबार ही का हालचाल लूंगा, हाँ, इस बीच में अगर मौका मिल जाय तो देखा जायगा।
वीरेन्द्रसिंहः सो सब कुछ नहीं, चाहे जो हो, आज मैं चन्द्रकान्ता से जरूर मुलाकात करूँगा।
तेजसिंह: आप जल्दी न करें, जल्दी ही सब कामों को बिगाड़ती है।
वीरेन्द्रः जो भी हो, मैं तो जरूर जाऊंगा।
तेजसिंह ने बहुत समझाया मगर चन्द्रकान्ता
तेजसिंह: सच है, वह नालायक जहाँ तक भी होगा राजा पर भी बहुत जल्द हाथ फेरेगा, अस्तु अब मैं दो दिन चन्द्रकान्ता के महल में न जाकर दरबार ही का हालचाल लूंगा, हाँ, इस बीच में अगर मौका मिल जाय तो देखा जायगा।
वीरेन्द्रसिंहः सो सब कुछ नहीं, चाहे जो हो, आज मैं चन्द्रकान्ता से जरूर मुलाकात करूँगा।
तेजसिंह: आप जल्दी न करें, जल्दी ही सब कामों को बिगाड़ती है।
वीरेन्द्रः जो भी हो, मैं तो जरूर जाऊंगा।
तेजसिंह ने बहुत समझाया मगर चन्द्रकान्ता