चन्द्रकान्ता - Chandrakanta



कुमार ने ज्योतिषी जी की तरफ देख कर कहा – ‘क्यों ज्योतिषी जी, क्या वह चबूतरे वाला तिलिस्म मेरे हाथ से न टूटेगा?’

ज्योतिषी – ‘देखा जाएगा, पहले आप कुमारी चंद्रकांता को छुड़ाइए।’

कुमार – ‘अच्छा चलिए, यह काम तो आज ही खत्म हो जाए।’

तीनों ऐयारों को साथ ले कर कुँवर वीरेंद्रसिंह उस तिलिस्म में घुसे। जो कुछ उस तिलिस्मी किताब में लिखा हुआ था खूब ख्याल कर लिया और उसी तरह काम करने लगे।

खँडहर के अंदर जा कर उस मालूमी दरवाजे को


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कुमार ने ज्योतिषी जी की तरफ देख कर कहा – ‘क्यों ज्योतिषी जी, क्या वह चबूतरे वाला तिलिस्म मेरे हाथ से न टूटेगा?’

ज्योतिषी – ‘देखा जाएगा, पहले आप कुमारी चंद्रकांता को छुड़ाइए।’

कुमार – ‘अच्छा चलिए, यह काम तो आज ही खत्म हो जाए।’

तीनों ऐयारों को साथ ले कर कुँवर वीरेंद्रसिंह उस तिलिस्म में घुसे। जो कुछ उस तिलिस्मी किताब में लिखा हुआ था खूब ख्याल कर लिया और उसी तरह काम करने लगे।

खँडहर के अंदर जा कर उस मालूमी दरवाजे को


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