जुदा किया जिनकी आवाज यहाँ पहुँचने के पहले मैंने सुनी थी। हाय। वह भेड़िया बड़ा ही बेवकूफ था जो उसने तेरे खाने में जल्दी की, उसके लिए तो मैं पहुँच ही गया था, मेरा खून पी कर वह बहुत खुश होता क्योंकि इसमें तेरी मुहब्बत की मिठास भरी हुई है। तेरे में क्या बचा था, सूख के पहले ही काँटा हो रही थी। मगर क्या सचमुच तुझे भेड़िया खा गया या मैं भूलता हूँ? क्या यह दूसरी जगह तो नहीं है?
नहीं-नहीं, वह सामने दुष्ट शिवदत्त बैठा है। हाय अब मैं जी कर क्या करूँगा,
जुदा किया जिनकी आवाज यहाँ पहुँचने के पहले मैंने सुनी थी। हाय। वह भेड़िया बड़ा ही बेवकूफ था जो उसने तेरे खाने में जल्दी की, उसके लिए तो मैं पहुँच ही गया था, मेरा खून पी कर वह बहुत खुश होता क्योंकि इसमें तेरी मुहब्बत की मिठास भरी हुई है। तेरे में क्या बचा था, सूख के पहले ही काँटा हो रही थी। मगर क्या सचमुच तुझे भेड़िया खा गया या मैं भूलता हूँ? क्या यह दूसरी जगह तो नहीं है?
नहीं-नहीं, वह सामने दुष्ट शिवदत्त बैठा है। हाय अब मैं जी कर क्या करूँगा,