वह इतने ताज्जुब की बात थी कि मैं उसे देखने में ही डूबा और योगी जी से कुछ पूछ न सका और वे भी बिना कुछ खुलासा हाल कहे चलते बने। उस दिन पहले-पहल जब मैं आपको खोह में ले गया तब वहां का हाल जो कुछ मैंने अपने गुरुजी से सुना था सो आपसे कहा था याद है?’’
कुमार : बखूबी याद है।
तेज़सिंह : मैंने क्या कहा था?
कुमार : तुमने यही कहा था कि उसमें बड़ा खज़ाना है, मगर उस पर एक छोटा-सा तिलिस्म बंधा हुआ है जो बहुत सहज में टूट सकेगा, क्योंकि
वह इतने ताज्जुब की बात थी कि मैं उसे देखने में ही डूबा और योगी जी से कुछ पूछ न सका और वे भी बिना कुछ खुलासा हाल कहे चलते बने। उस दिन पहले-पहल जब मैं आपको खोह में ले गया तब वहां का हाल जो कुछ मैंने अपने गुरुजी से सुना था सो आपसे कहा था याद है?’’
कुमार : बखूबी याद है।
तेज़सिंह : मैंने क्या कहा था?
कुमार : तुमने यही कहा था कि उसमें बड़ा खज़ाना है, मगर उस पर एक छोटा-सा तिलिस्म बंधा हुआ है जो बहुत सहज में टूट सकेगा, क्योंकि