कौन-सा दुःख भोगा? जो कुछ किया कुमारी चन्द्रकान्ता के लिए।
ज्योतिषी : क्यों तेज़सिंह, क्या यह चपला तुम्हारी ही जात की है?
तेज़सिंह : इसका हाल तो कुछ मालूम नहीं कि यह कौन जात है, लेकिन जब मुहब्बत हो गयी तो फिर चाहे कोई जात हो।
ज्योतिषी : लेकिन क्या उसका कोई वारिस भी नहीं है? अगर तुम्हारी जाति की न हुई तो उसके मां-बाप कब कबूल करेंगे?
तेज़सिंह : अगर कुछ ऐसा वैसा हुआ तो उसको मार डालूंगा और अपनी भी जान दे दूंगा।
कुमार : कुछ इनाम तो दो हम चपला का हाल तुम्हें बता दें।
कौन-सा दुःख भोगा? जो कुछ किया कुमारी चन्द्रकान्ता के लिए।
ज्योतिषी : क्यों तेज़सिंह, क्या यह चपला तुम्हारी ही जात की है?
तेज़सिंह : इसका हाल तो कुछ मालूम नहीं कि यह कौन जात है, लेकिन जब मुहब्बत हो गयी तो फिर चाहे कोई जात हो।
ज्योतिषी : लेकिन क्या उसका कोई वारिस भी नहीं है? अगर तुम्हारी जाति की न हुई तो उसके मां-बाप कब कबूल करेंगे?
तेज़सिंह : अगर कुछ ऐसा वैसा हुआ तो उसको मार डालूंगा और अपनी भी जान दे दूंगा।
कुमार : कुछ इनाम तो दो हम चपला का हाल तुम्हें बता दें।