गोदान - Godan



गोबर ने उत्तेजित हो कर कहा - दादा, तुम बीच में मत बोलो। उनकी गाय पचास की थी। हमारी गोई डेढ़ सौ में आई थी। तीन साल हमने जोती। फिर भी डेढ़ सौ की थी ही। वह अपने रुपए के लिए दावा करते, डिगरी कराते, या जो चाहते करते, हमारे द्वार से जोड़ी क्यों खोल ले गए? और तुम्हें क्या कहूँ? इधर गोई खो बैठे, उधर डेढ़ सौ रुपए डाँड़ के भरे। यह है गऊ होने का फल । मेरे सामने जोड़ी ले जाते, तो देखता। तीनों को यहीं जमीन पर सुला देता। और पंचों से तो बात तक न करता। देखता,


1003 of 1753



गोबर ने उत्तेजित हो कर कहा - दादा, तुम बीच में मत बोलो। उनकी गाय पचास की थी। हमारी गोई डेढ़ सौ में आई थी। तीन साल हमने जोती। फिर भी डेढ़ सौ की थी ही। वह अपने रुपए के लिए दावा करते, डिगरी कराते, या जो चाहते करते, हमारे द्वार से जोड़ी क्यों खोल ले गए? और तुम्हें क्या कहूँ? इधर गोई खो बैठे, उधर डेढ़ सौ रुपए डाँड़ के भरे। यह है गऊ होने का फल । मेरे सामने जोड़ी ले जाते, तो देखता। तीनों को यहीं जमीन पर सुला देता। और पंचों से तो बात तक न करता। देखता,


1003 of 1753