गोदान - Godan



'अपनी ऊख बोना है महाराज, नहीं तुम्हारा ही काम करता।'

दातादीन चले गए तो गोबर ने तिरस्कार की आँखों से देख कर कहा - गए थे देवता को मनाने। तुम्हीं लोगों ने तो इन सबों का मिजाज बिगाड़ दिया है। तीस रुपए दिए, अब दो सौ रुपए लेगा, और डाँट ऊपर से बताएगा और तुमसे मजूरी कराएगा और काम कराते-कराते मार डालेगा।

होरी ने अपने विचार में सत्य का पक्ष ले कर कहा - नीति हाथ से न छोड़ना चाहिए बेटा, अपनी-अपनी करनी अपने साथ है। हमने जिस ब्याज पर रुपए लिए,


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'अपनी ऊख बोना है महाराज, नहीं तुम्हारा ही काम करता।'

दातादीन चले गए तो गोबर ने तिरस्कार की आँखों से देख कर कहा - गए थे देवता को मनाने। तुम्हीं लोगों ने तो इन सबों का मिजाज बिगाड़ दिया है। तीस रुपए दिए, अब दो सौ रुपए लेगा, और डाँट ऊपर से बताएगा और तुमसे मजूरी कराएगा और काम कराते-कराते मार डालेगा।

होरी ने अपने विचार में सत्य का पक्ष ले कर कहा - नीति हाथ से न छोड़ना चाहिए बेटा, अपनी-अपनी करनी अपने साथ है। हमने जिस ब्याज पर रुपए लिए,


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