होरी ने गर्व से कहा - रात को क्यों बुलाते हैं, मैं तो बाकी दे चुका हूँ।
प्यादा बोला - मुझे तो तुम्हें बुलाने का हुक्म मिला है। जो कुछ अरज करना हो, वहीं चल कर करना।
होरी की इच्छा न थी, मगर जाना पड़ा। गोबर विरक्त-सा बैठा रहा। आधा घंटे में होरी लौटा और चिलम भर कर पीने लगा। अब गोबर से न रहा गया। पूछा - किस मतलब से बुलाया था?
होरी ने भर्राई हुई आवाज में कहा - मैंने पाई-पाई लगान चुका दिया। वह कहते हैं, तुम्हारे ऊपर दो साल का बाकी है। अभी उस दिन मैंने ऊख बेची,
होरी ने गर्व से कहा - रात को क्यों बुलाते हैं, मैं तो बाकी दे चुका हूँ।
प्यादा बोला - मुझे तो तुम्हें बुलाने का हुक्म मिला है। जो कुछ अरज करना हो, वहीं चल कर करना।
होरी की इच्छा न थी, मगर जाना पड़ा। गोबर विरक्त-सा बैठा रहा। आधा घंटे में होरी लौटा और चिलम भर कर पीने लगा। अब गोबर से न रहा गया। पूछा - किस मतलब से बुलाया था?
होरी ने भर्राई हुई आवाज में कहा - मैंने पाई-पाई लगान चुका दिया। वह कहते हैं, तुम्हारे ऊपर दो साल का बाकी है। अभी उस दिन मैंने ऊख बेची,