धनिया किस तर्क से झुनिया को छोटा मान ले?
होरी ने व्यथित कंठ से कहा - अच्छा, वह छोटी नहीं, बड़ी सही। जो आदमी नहीं रहना चाहता, क्या उसे बाँध कर रखेगी? माँ-बाप का धरम है, लड़के को पाल-पोस कर बड़ा कर देना। वह हम कर चुके। उनके हाथ-पाँव हो गए। अब तू क्या चाहती है, वे दाना-चारा ला कर खिलाएँ। माँ-बाप का धरम सोलहों आना लड़कों के साथ है। लड़कों का माँ-बाप के साथ एक आना भी धरम नहीं है। जो जाता है, उसे असीस दे कर विदा कर दे। हमारा भगवान मालिक है। जो कुछ भोगना बदा है,
धनिया किस तर्क से झुनिया को छोटा मान ले?
होरी ने व्यथित कंठ से कहा - अच्छा, वह छोटी नहीं, बड़ी सही। जो आदमी नहीं रहना चाहता, क्या उसे बाँध कर रखेगी? माँ-बाप का धरम है, लड़के को पाल-पोस कर बड़ा कर देना। वह हम कर चुके। उनके हाथ-पाँव हो गए। अब तू क्या चाहती है, वे दाना-चारा ला कर खिलाएँ। माँ-बाप का धरम सोलहों आना लड़कों के साथ है। लड़कों का माँ-बाप के साथ एक आना भी धरम नहीं है। जो जाता है, उसे असीस दे कर विदा कर दे। हमारा भगवान मालिक है। जो कुछ भोगना बदा है,