भोगेंगे, चालीस सात सैंतालीस साल इसी तरह रोते-धोते कट गए। दस-पाँच साल हैं, वह भी यों ही कट जाएँगे।
उधर गोबर जाने की तैयारी कर रहा था। इस घर का पानी भी उसके लिए हराम है। माता हो कर जब उसे ऐेसी-ऐसी बातें कहे, तो अब वह उसका मुँह भी न देखेगा।
देखते ही देखते उसका बिस्तर बँधा गया। झुनिया ने भी चुँदरी पहन ली। चुन्नू भी टोप और फ्राक पहन कर राजा बन गया।
होरी ने आर्द्र कंठ से कहा - बेटा, तुमसे कुछ कहने का मुँह तो नहीं है,
भोगेंगे, चालीस सात सैंतालीस साल इसी तरह रोते-धोते कट गए। दस-पाँच साल हैं, वह भी यों ही कट जाएँगे।
उधर गोबर जाने की तैयारी कर रहा था। इस घर का पानी भी उसके लिए हराम है। माता हो कर जब उसे ऐेसी-ऐसी बातें कहे, तो अब वह उसका मुँह भी न देखेगा।
देखते ही देखते उसका बिस्तर बँधा गया। झुनिया ने भी चुँदरी पहन ली। चुन्नू भी टोप और फ्राक पहन कर राजा बन गया।
होरी ने आर्द्र कंठ से कहा - बेटा, तुमसे कुछ कहने का मुँह तो नहीं है,