लेकिन कलेजा नहीं मानता। क्या जरा जा कर अपनी अभागिनी माता के पाँव छू लोगे, तो कुछ बुरा होगा? जिस माता की कोख से जनम लिया और जिसका रकत पी कर पले हो, उसके साथ इतना भी नहीं कर सकते?
गोबर ने मुँह फेर कर कहा - मैं उसे अपनी माता नहीं समझता।
होरी ने आँखों में आँसू ला कर कहा - जैसी तुम्हारी इच्छा। जहाँ रहो, सुखी रहो।
झुनिया ने सास के पास जा कर उसके चरणों को आँचल से छुआ। धनिया के मुँह से आसीस का एक शब्द भी न निकला। उसने आँखें
लेकिन कलेजा नहीं मानता। क्या जरा जा कर अपनी अभागिनी माता के पाँव छू लोगे, तो कुछ बुरा होगा? जिस माता की कोख से जनम लिया और जिसका रकत पी कर पले हो, उसके साथ इतना भी नहीं कर सकते?
गोबर ने मुँह फेर कर कहा - मैं उसे अपनी माता नहीं समझता।
होरी ने आँखों में आँसू ला कर कहा - जैसी तुम्हारी इच्छा। जहाँ रहो, सुखी रहो।
झुनिया ने सास के पास जा कर उसके चरणों को आँचल से छुआ। धनिया के मुँह से आसीस का एक शब्द भी न निकला। उसने आँखें